राजगढ़ पुलिस थाने के एसएचओ द्वारा आत्महत्या का मामला, बड़ा सवाल: आखिर किस दबाव में थे बिश्नोई

एसएचओ ने वॉट्सएप पर लिखा थाः राजनीति के भंदर में फंसाने की हो रही है कोशिश

दुल/लादतफ | राजगढ़ पुलिस धाने के एसएचओ स्कय विश्नोई शुक्रवार शाम फायरिंग और एक की मौत के मामले में जुटे थे। शनिवार सुबह कमरे में फांसो के फंदे पर झूलते मिले। उनकी आत्महत्या के मामले में कई सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने सुसाइड नोट में लिखा है कि मेरे चारों तरफ इतमा प्रेशर बना दिया गया कि मैं तनाव नहीं झेल पाया। दैनिक भास्कर ने इन्हीं सबालों का जवाब तलाशने के लिए पुलिस अधिकारियों, उनके दोस्त बकौल और राजनीति एंगल के हर पहलू की पड़ताल कौ है।

भाजपा और अन्य नेताओं ने सबाल उठाए हैं। उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र  राठौड़ ने कहा कि प्रदेश के 13 थानों में ईमानदार पुलिस अफसर छवि वाले धानापिकारी फांसी लगाने जैसा काम नहीं कर सकते।  निश्चय हो राजनीतिक व पुलिस अफसरों का दबाव था। भूमिका को जांच होनी चाहिए।

पूर्व सांसद रामसिंह कस्यां ने कहा कि 40 साल के राजनीतिक इतिहास में पहली बार किसी ईमानदार अफसर के फांसी लगाकर आत्महत्या करने का वाकया उनके सामने आया/भास्कर ने राजगढ़ विधायक कृष्णा पूनिया से बात की। उन्होंने कह, किणुदत्त के बे में उन्होंने सुना खूब था. मगर व्यक्तिगत तौर पर कभी मुलाकात नहों हुई। अधिकारियों के साथ सामूहिक बैठक में जरूर 5-7 बार आमने सामने हुए होंगे। फोन पर चार-पांच बात हुई हो सकते है। जहां तक उन पर प्रेशर का सवाल है, इसके बारे में बे अवगत नहीं है और न हो उन्हें कोई जानकारी है। मैंने सीएम अशोक गहलोत से बात कर न्याय की मांग की है।हाईकोर्ट में एडवोकेट गोवर्धन सिंह ने विश्नोई से वाट्सएप पर हुई बातचीत का स्क्रीनशॉट बायसल कर दिया। इसमें थानाधिकारी ने कह्य है कि उन्हें भी राजनीति के भंवर में फंसाने की कोशिश हो रही है। वे स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का आवेदन दे रहे हैं। यह राजनोति है और अफसर कमजोर हैं। भास्कर ने गोवर्धन से बात की। उन्होंने दावा किया कि एक दिन पहले: ने खुद को माफ नहीं कर पाएंगे के बाद ही मैं राजगढ़ चला जात तो यह घटना नहीं होती। उन्होंने कहा कि यह आत्महत्या मैं हो सकते है, लेकिन यह सोच समझकर की गई हत्या है। सोबीआई से कम जांच हुई तो सच्चाई कभी सामने नहीं आएगी।

पुलिस को पता लगने के बाद भी 12 घंटे तक फंदे से झूलता रहा एसएचओ का शव

चूक: सीआई विष्णुदतत की मौत की सूचना लगने के बाद 12 घंटे बाद शव फंदे के लटका रह, जिससे उनकी बॉडी काली पड़ गई। पुलिस को
सीआई बिश्नोई की खुदकुशी की खबर सुबह 9.30 बजे लग गई, जब उनके सरकारी कवाटर में से थाने के पुलिसकर्मी ने उनका शव फंदे के
लटका देखा। मृतक सौआई विष्णुदतत के चाचा एडवोकेट समृद्ध कुमार का कहना है कि पुलिस ने उनके भतीजे की मौत की सूचना परिजनों
‘को नहीं दी। बे तो टेलॉविजन में खबर सुनकर राजगढ़ पहुंचे। फिर 72 घंटे तक पुलिस ने उनके शव को क्यों नहीं उतार गया। एसपी तेजस्वनी
गौतम का कहना है कि मामले की जांच सीआईडी सीबी को सौंपने के करण पुलिस ने ब्रांच के एसपी विकास शर्मा के आने का इंतजार किया।
ये शनिवार शाम 5.30 बजे राजगढ़ पहुंचे। इसके बाद उन्होंने मौका मुआयना व फर्द तैयार करके शव को फंदे से उतारा।

एसीएस गृह और डीजीपी न्यायिक जांच कराए: राठौड़

जयपुर! राजस्थान विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष व चूरू विधायक राजेन्द्र राठौड़ ने चूरू जिले के राजगढ़ धानाधिकारी विष्णुदत्त बिश्नोई
को आत्यहया पा गया दुख पकट करे हुए साकार से उनस्तरय न्यायिक जांच की मांग की है। राठौड़ ने इस संबंध में दूरभाष पर
‘फुलस महानिदेशक भूफेद्र यादव व अतिरिक्त मुख्य सचिब (गृह) राजीब स्वरूप से बात कर इस अधिकारी विष्णुदतत को न्याय दिलाने
के लिए उच्चस्तरीय न्यायिक जांच को मांग कर आत्महत्या के लिए मजबूर करने वाले राजनीतिज्ञ व पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध
मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई व न्यायिक जांच की मांग की।

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