विधायक के दबाव में ही की आत्महत्या, इसके एक नहीं, बहुत प्रमाण हैं : राठौड़

विधायक के दबाव में ही की आत्महत्या, इसके एक नहीं, बहुत प्रमाण हैं : राठौड़

भास्कर:कृष्णा पूनिया कह रही हैं कि आपइस मामले मैं राजनीति कर रहे हैं बिश्नोई ने पूनिया के दबाव में सुसाइड किया है, इसके आपके पास कोई प्रमाण हैं?

राठौड़ : विष्णुदत्त ने आत्महत्या से एक दिन ‘पहले अपने मित्र गोवर्धन सिंह वकील को सारी बात लिखी कि राजगढ़ में राजनीति बहुत गंदी है और उन्हें पड़यंत्र के तहत फंसाया जा रहा है। उसके बाद उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति की बात कही। दूसरा प्रमाण यह है कि उन्होंने अपने मोबाइल पर चैट में लिखा था कि राजगढ़ विधायक उन पर अनावश्यक दबाव बना रही हैं। तीसरा प्रमाण यह है कि कृष्णा पूनिया तीन माह से लगातार उन्हें हटाने के लिए अधिकारियों पर दबाब बना रही थीं। सीएम ऑफिस में ओएसडी अमित ढाका के माध्यम से झूठी शिकायतें कर रही थीं। इस कारण बार-बार उच्च अधिकारी उससे पूछताछ और जांच कर रहे थे। उन्होंने अपने सुसाइड नोट में भी लिखा है कि मैं इन कारणों से तनाव नहीं झेल सका।

भास्कर : पूनिया कह रही हैं कि वे कभी विष्णुदतत से मिली ही नहीं और उनपर झूठे आरोप हैं?

राठौड़ : पूनिया सरासर झूठ बोल रही हैं। तस्वीर झूठ नहीं बोलती। मैं आपको वह तस्वीर भेज रहा हूं, जिसमें कृष्णा पूनिया और उनके पति
थानाधिकारी विष्णुदत्त विश्नाई के पास बैठे हैं।

भास्कर: चाहे भाजपा हो या कांग्रेस, चूरू में शराब की सियासत होती रही है। इसे लेकर यहां हत्याएं भी हुईं लेकिन पुलिसकर्मी की आत्महत्या का पहल मामलाहै?

राठौड़ : हर सरकार में चूरू अवैध शराब का ट्रॉजिट रूट बना हुआ है, लेकिन इस बार अपराध के साथ जैसा राजनीतिक गठजोड़ हुआ वैसा पहले कभी नहीं हुआ। विष्णुदत्त के सुसाइड के बाद इस थाने के 3 एसआई, 3 एएसआई, 3 हैड कांस्टेबल और १9 कांस्टेबल आईजी को लिखकर देते हैं कि कृष्णा पूनिया रोज उनके काम में दखलंदाजी करती हैं। उन्होंने खुद को थाने से हटाने की मांग भी की।

भास्कर : न्यायिक जांच की मांग तो सरकार पहले ही पूरी कर चुकी है। क्या अब भी आप सीबीआई की जांच की मांज करंगे?

राठौड़: विष्णुदतत के परिजनों नेकहा कि सीबीआई जांच में देरी होती है। न्यायिक जांच में हम अपनी बात को भी कह सकेंगे। यह पहला मामला है जब आत्महत्या के मामले में प्रदेश में न्यायिक जांच हो रही है। इस न्यायिक जांच में टर्म्स ऑफ रेफरेंस तय होंगे और हम भी अपनी बात कह सकेंगे।

भास्कर : क्या एसएचओ ठिष्णुदत्त के परिजनों से आपकी बातचीत हुई है, वे क्या चाहते हैं? क्या आपने सरकार के सतत पर अधिकारियों से कोईबात की।

राठोड़ः विश्नोई के चाचा सुभाष विश्नोई का कहा था कि उन्हें पैसे नहीं सम्मान चाहिए। इसलिए हमने भी विष्णुदत्त की मूर्ति लगाने की मांग की
है। उन्हें वह सम्मान मिले, जिसके वे हकदार थे।

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